“उत्तराखंड देवभूमि-मातृभूमि शत्-शत् वंदन अभ‍िनंदन
दर्शन, संस्कृति, धर्म, साधना श्रम रंजित तेरा कण-कण. अभ‍िनंदन अभ‍िनंदन”
– Hemant Bisht

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